धन्यवाद के भाव
कृतज्ञ हूँ !
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कृतज्ञ हूँ !
जीने को मिले
एक और दिन के लिए
प्राप्त और पर्याप्त की
जुगलबंदी के लिए
प्रतिक्रिया किसलिए करूँ
प्रतिक्षण
अभिभूत हूँ
जिसे
प्रसाद और परीक्षा
सब स्वीकार हो
उसके ह्रदय
आभार
क्यों न बारम्बार हो!
-डॉ. सुरेश नायक